वर्ष 2020 में कोरोना की वजह से पतंजलि के एमडी (मैनेजिंग डायरेक्टर) बालकृष्ण आचार्य के संपत्ति में आई बड़ी गिरावट।

दुनिया के धनी लोगों के सूची के मुताबिक आचार्य बालकृष्ण की संपत्ति इस दौरान 32% घटकर 3.6 डॉलर हो गई।और यह दावा तब सामने आया है जब पतंजलि कोरोना के खिलाफ काफी आक्रमक दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर इस पर सवाल भी खड़े किए जा रहे हैं। पतंजलि ने पिछले साल जून 2020 में ही कोरोनील नाम की दवा सामने लाई थी। इस दवा को लेकर जब भी विवाद हुआ तो उससे इम्यूनिटी बूस्टर के नाम पर प्रचारित किया गया। स्वामी रामदेव के बयान के अनुसार कोरोनील को आयुष मंत्रालय की तरफ से सर्टिफिकेट मिल चुका है। एक बयान में यह भी कहा गया कि कोरोनील को फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट का सर्टिफिकेट मिल चुका है।यहां तक कि कुछ कैम्पन में कोरोनिल को WHO दौरा प्रमाणित कह के प्रचारित किया गया हालांकि इसके बाद WHO ने इस बात से इंकार कर दिया और बयान जारी किया था कि कोविड-19 के उपचार के लिए यह किसी भी पारंपरिक दवा को प्रमाणित नहीं किया गया है।

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