मुम्बई: पानी देने से पुलिस ने किया इनकार, कस्टडी में हुई युवक की मौत

दीपावली का जश्न था, एक हंसता खेलता परिवार था, मां थी ,बाप था और आंखों में शादी के सपने थे.
विजय की सांसे थम गई और सब कुछ बदल गया.

सायन कोलीवाड़ा के रहने वाले विजय सिंह की जो पैसे से एक फार्मा कंपनी के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव थे उनकी पुलिस कस्टडी के दौरान मौत हो गई.. चलिए आपको पूरा वाक्य बताते हैं..
दीपावली की रात करीब 11:00 बजे विजय सिंह और उनके दो भाइ टहलने के लिए अपने घर से कुछ ही दूर पर वडाला ट्रक टर्मिनल के तरफ निकले थे .
जाते वक्त एक कपल के ऊपर विजय के बाइक की लाइट पड़ी इस पर कपल को काफी ज्यादा आपत्ति हो हुई और लड़के ने विजय को गाली दे दी. जिसके बाद दोनों पक्ष में बहस बढ़ गया और यह इतना बढ़ गया की हाथापाई तक पहुंच गया।
पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो लड़की ने यह बोल दिया कि विजय और उनके कजन उन्हें छेड़ रहे थे और उन्होंने हाथ भी उठाया।
पुलिस विजय को मारते घसीटते हुए पुलिस चौकी ले गई और बिना किसी इंक्वायरी के लॉकअप में डाल दिया।
आरोप यह है कि विजय को काफी ज्यादा मारा गया वहीं दूसरे पक्ष को वापस भेज दिया गया।

करीब 2:30 बजे रात को विजय ने पुलिस स्टाफ से कहा कि उन्हें सीने में दर्द हो रहा है पानी दे दो स्टाफ ने मना कर दिया विजय की मां जब पानी देने की कोशिश की तब उसे भी डांट डपट दिया गया और बुरी बुरी गालियां दी गई।
कुछ देर बाद विजय ने फिर से पुलिस स्टाफ से कहा कि वह अपना बेटा समझकर उन्हें पानी पिला दे लेकिन स्टाफ पुलिसिया वर्दी के नशे में चूर होकर इंसानियत को खत्म करके उन्हें पानी देने से मना कर दिया।
विजय ने कहा कि उन्हें घुटन हो रही है पंखा चला दे जिसके बाद उन्हें फिर और भद्दी भद्दी गालियां दी गई।
आखिर कुछ देर बाद पुलिस ने विजय को लॉकअप से बाहर निकाला तब तक विजय बेहोश हो चुके थे ।
पुलिस स्टाफ ने विजय के पिताजी से कहा कि वह विजय के ट्रीटमेंट के लिए ओला बुक कर लें क्योंकि पुलिस की कोई वेन खाली नहीं है काफी ज्यादा इंतजार करने के बाद जब ओला के ड्राइवर जब तक पुलिस चौकी पहुंचा तब तक विजय की सांसे हमेशा के लिए थम गई थी.

सवाल हमारा यह है कि क्या किसी एक पक्ष के बयान पर पुलिस फैसला न लेने का हक रखती है?

सवाल यह है कि क्या पुलिस के वर्दी का पहनते ही इंसानियत मर जाती है?
सवाल यह है कि जब आतंकियों बलात्कारियों और भ्रष्टाचारियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा सकता है तो क्या आम आदमी को पानी नहीं दिया जा सकता ?

1 COMMENT

  1. Hey there 🙂

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