28 साल के पार्थ श्रीवास्तव जो कि योगी आदित्यनाथ के सोशल मीडिया टीम की कंपनी में काम करते थे उन्होंने 19 मई की सुबह को आत्महत्या कर ली सुसाइड नोट में उन्होंने आत्महत्या नहीं बल्कि कहा है कि यह एक क़तल है।
उनके सुसाइड करने की जानकारी मिलने के बाद पार्थ श्रीवास्तव के पिता ने उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में ले गए जहां उन्हें तुरंत मृत घोषित कर दिया गया। इसी बीच उनका एक सोशल मीडिया ट्वीट वायरल है जिसमें उन्होंने आईएएस अधिकारी शिशीर कुमार को भी ट्वीट किया था। पार्थ की बहन की दावा है कि वह भी डिलीट कर दिया गया जबकि उन्होंने उनकी ट्वीट को रीट्वीट भी किया था। पार्थ श्रीवास्तव ने अपने सुसाइड में अपनी कंपनियों की तीन चार लोगों के नाम का जिक्र किया है और कहा है कि पूरी मेहनत और लगन के बावजूद उन्हें छोटी-छोटी बातों पर डांट दिया जाता था और जलील किया जाता था । उनकी एक सहकर्मी को फेवर मिलने के बाद उसे नीचा दिखाने का भी जिक्र उन्होंने सुसाइड नोट भी किया है । जहां घरवाले और बहन यह दावा कर रही है कि पार्थ श्रीवास्तव ने तीन चार पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था जिसे पुलिस अपने साथ ले गई वहीं पुलिस अलग ही बात कहते हुए बताती है कि अस्पताल से उन्हें खबर मिली और उन्हें किसी भी तरह का सुसाइड नोट यह किसी भी तरह की ट्वीट्स की जानकारी या सबूत नहीं है।
पार्थ श्रीवास्तव के दोस्त आशीष पांडे ने #justiceforparth का बयान शुरू किया है जहां उन्होंने अपने दोस्त की ट्वीट्स के और सुसाइड नोट की पिक्चर्स के स्क्रीनशॉट डाले हैं।‌

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