इनदिनों सरकार की तानाशाही चरम पर है तानाशाही की खबरों के बीच ऐसा लग रहा है कि मोदी सरकार ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सभी मीडिया समूहों को साफ साफ चेतावनी दे दिया है कि जो भी सरकार की आलोचना करेगा या हमारी कमियों, खामियों को उजागर करने की कोशिश करेगा, उसे कायदे से ध्वस्त किया जाएगा।

सरकार की तानाशाही चरम पर है। दैनिक भास्कर, भारत समाचार ने इन दिनों भाजपा की आलोचना शुरू कर दी है और और साचाई को दिखाने का काम कर रहे है पर सरकार ने दैनिक भास्कर के कई दफ्तरों और प्रमोटरों के यहां इनकम टैक्स की छापेमारी जारी कर दी है,

इसी बीच दूसरी खबर यह भी है कि भारत समाचार चैनल के संपादक ब्रजेश मिश्रा और रिपोर्टर वीरेंद्र सिंह के आवास पर भी इनकम टैक्स का छापा पड़ा है।

ऐसा प्रतीत होता है कि कोविड काल में सरकार की खमिया और लापरवाही को उजागर करने के लिए दैनिक भास्कर ने एक श्रृंखला प्रकाशित की थी, वहीं भारत समाचार लगातार यूपी में हुई कोरोना काल की लापरवाहियों और योगी सरकार की तानाशाही को दिखाने का काम किया तो सरकार ने उनके पर उत्पीड़न कर रही है।

उसके बाद उत्तर प्रदेश में हुए पंचायत चुनाव सें जिस प्रकार की गुंडई और तानाशाही देखने को मिली, उसे भी भारत समाचार साचाई दिखाने का काम किया।

पिछले सात वर्षों से देश भर के न्यूज चैनलों में जिस तरह से सरकार के पक्ष में बढ़ चढ़ कर बोलने और सरकार का हमदर्द बनने की होड़ मची हुई है,
वैसे में अब कुछ मीडिया समूहों ने अगर सरकार के पक्ष में काम करने से इंकार कर दिया तो उनके ऊपर उत्पीड़न करने का काम किया जा रहा है।

दैनिक भास्कर और उसके बाद भारत समाचार में हुई छापेमारी पर युवा नेता शाबिर अली ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जैसे मानो अभिव्यक्ति की आज़ादी खत्म सी हो गई है दैनिक भास्कर के बाद अब उत्तर प्रदेश के बेखौफ न्यूज चैनल भारत समाचार पर सरकार के खिलाफ आलोचना लिखने और दिखने पर ही आयकर विभाग का छापा पड़ा है।

शाबिर अली ने इसे डर की वजह से की हुई कार्रवाई बताते हुए कहा कि केवल वोट देना ही ‘लोकतंत्र’ नही है
साचाई, इंसाफ, और नाकामियों के लिए सरकार को उंगली दिखाकर सवाल पूंछना भी “लोकतंत्र” है।

शाबिर अली
‘युवा नेता’

*लेखक अपने विचारों के लिए स्वतंत्र है,सॉलिड ख़बर संबंध नही रखता*

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