Corona महामारी के बीच सूबे की सरकार अब छोटे कारोबारियों के बिजनेस को बढ़ाने में मदद करेगी. योगी सरकार छोटे व्यपारियों को अपने प्रोडक्‍ट की मार्केटिंग के लिए 5 लाख रुपए की मदद देगी। ये फैसला प्रदेश में MSME को नई ‘स्टार्ट अप नीति 2020’ के तहत मार्केटिंग सहायता देने का है. नई स्टार्ट अप नीति 2020 को अधिसूचित कर दिया गया है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने MSME सेक्‍टर को मजबूती देने के लिए करोड़ो रुपये की मदद देने का ऐलान किया है. इनमें व्यपार बढ़ाने के लिए प्रोत्‍साहन के साथ-साथ लोन के ब्‍याज में सब्सिडी भी दे रही है।

रजिस्टर्ड MSME यूनिट को सब्सिडी और टैक्स छूट के साथ पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) का फायदा दी जा रही है। रजिस्ट्रेशन से उन्हें सरकारी लोन देने वालों तक पहुंच बनाने में मदद मिलती है और वे कम ब्याज दर पर आसान लोन हासिल कर सकते हैं।

ख़बर है की प्रदेश सरकार नीति को जल्द ही लागू करेगी, जिसमें पूरे प्रदेश में स्टार्ट अप (Startup) और इन्क्यूबेशन सेंटर को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के अपर उपसचिव आलोक कुमार के मुताबिक नई नीति के तहत MSME के लिए 5 लाख रूपये की मार्केटिंग के लिए मदद मिलेगी.

आलोक कुमार के मुताबिक IT एंड इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स विभाग नए स्टार्ट अप और MSME के वेंचर कैपिटल फंडिंग में मदद के लिए Sidbi (भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक) के साथ मिलकर काम कर रहा है। IT की मदद से लगभग सभी जिला उद्योग केन्द्र ऑनलाइन हैं और MSME द्वारा जिला उद्योग केन्द्र को लेटर भरकर ऑनलाइन देने के बाद 72 घंटे में ही सुविधाएं मिल जाती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here