महज 21 साल के मयंक बने देश के सबसे कम उम्र के जज

Youngest judge of india

एक 21 साल का लड़का जो देश का सबसे कम उम्र का जज बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। जयपुर के लड़के मयंक प्रताप सिंह ने राजस्थान के सबसे कम उम्र के न्यायाधीश बनकर इतिहास रच दिया।

उन्होंने जज बनने के लिए कैसे तैयार होने के बारे में एक पत्रिका को बताते हुए कहा, “मुझे एक अच्छा जज बनने के लिए राजस्थान न्यायिक सेवा 2018 परीक्षा को क्लियर करने के लायक बनने के लिए हर दिन 12 से 13 घंटे अध्ययन करना पड़ता था।”

“मयंक प्रताप सिंह ने कहा,” मैं सलेक्शन के लिए बिल्कुल कॉन्फिडेंट था । मुझे अच्छे परिणाम की उम्मीद थी। मेरे अनुसार एक अच्छा न्यायाधीश ईमानदार होना चाहिए और उसे किसी भी तरह के ताकत और पैसे का परवाह नही करना चाहिए।

मयंक राजस्थान यूनिवर्सिटी से पांच साल का एलएलबी कोर्स कर रहा थें। जयपुर के मानसरोवर के निवासी, मयंक ने इस साल अप्रैल में राजस्थान विश्वविद्यालय से एलएलबी पूरी की।

उन्होंने 21 साल की उम्र में राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा पास की और अब देश के सबसे युवा जज बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मयंक अपने पहले प्रयास में ही आरजेएस परीक्षा को पास करने में सफल रहे।

राजस्थान उच्च न्यायालय ने 2019 में राजस्थान आरजेएस परीक्षा में उपस्थित होने की न्यूनतम आयु को घटाकर 21 कर दिया था। इससे पहले, परीक्षा के लिए न्यूनतम आयु 23 थी।
सॉलिड ख़बर मयंक के भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता है।

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